सिमली बेस अस्पताल के शासनादेश की मांग—महापंचायत में 11 अक्टूबर से देहरादून तक पदयात्रा का निर्णय

सिमली/चमोली। सिमली बेस अस्पताल के शासनादेश की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब व्यापक रूप लेने जा रहा है। बेस अस्पताल निर्माण संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित महापंचायत में क्षेत्र के ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों, महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों और पूर्व सैनिक संगठनों ने एकजुट होकर शासनादेश जारी करने की मांग उठाई। महापंचायत में सर्वसम्मति से 11 अक्टूबर से सिमली से देहरादून तक पदयात्रा निकालने का निर्णय लिया गया।

बोर्ड बदलने के बावजूद शासनादेश जारी नहीं

महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सिमली स्थित उपजिला चिकित्सालय महिला बेस के बोर्ड को बदलकर बेस अस्पताल का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन अभी तक बेस अस्पताल के संबंध में शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।

वक्ताओं का कहना है कि केवल बोर्ड बदलने से अस्पताल को बेस अस्पताल का स्वरूप नहीं मिलेगा। इसके लिए शासन स्तर से विधिवत शासनादेश जारी किया जाना आवश्यक है।

चंडिका मंदिर में पूजा के बाद शुरू होगी पदयात्रा

संघर्ष समिति के अनुसार, 11 अक्टूबर को चंडिका मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पदयात्रा देहरादून के लिए रवाना होगी। पदयात्रा को सफल बनाने के लिए समिति की ओर से क्षेत्र के 110 से अधिक गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से पदयात्रा में सहभागिता की अपील की जाएगी।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग

महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सिमली और आसपास के क्षेत्रों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। बेस अस्पताल का शासनादेश जारी होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसी मांग को लेकर क्षेत्रवासी आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं।

संघर्ष समिति ने कहा कि अब मांग केवल अस्पताल के बोर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि बेस अस्पताल का विधिवत शासनादेश जारी कराने की है। महापंचायत में मौजूद लोगों ने पदयात्रा को सफल बनाने और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


? व्हाट्सऐप पर शेयर करें