देहरादून, 21 सितंबर 2026। युवा विधि सम्मेलन का आयोजन 21 सितंबर को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, नमामि गंगे, नशा मुक्त भारत और ऋतु फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। सम्मेलन का मुख्य विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के दौर में उभरते साइबर कानून रहा।
कार्यक्रम का उद्देश्य यह परखना था कि विद्यार्थी वर्तमान परिस्थितियों में कानून को कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें वास्तविक कानूनी कार्य के लिए तैयार करना और इन विषयों के प्रति जागरूकता फैलाना भी सम्मेलन का उद्देश्य रहा।
केस स्टडी के जरिए परखी गई कानूनी समझ
प्रतियोगिता में कई कॉलेजों की टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में सात सदस्य और एक मार्गदर्शक यानी मेंटर शामिल थे। सभी टीमों को मौके पर एक केस स्टडी दी गई, जिस पर उन्हें लिखित और मौखिक दोनों रूपों में अपने तर्क प्रस्तुत करने थे।
इस प्रारूप के माध्यम से प्रतिभागियों के कानूनी ज्ञान, त्वरित सोच, टीम भावना और दबाव में पैरवी करने की क्षमता को परखा गया।
लॉ कॉलेज देहरादून की टीम रही विजेता
प्रतियोगिता में लॉ कॉलेज देहरादून, उत्तरांचल विश्वविद्यालय की टीम ने जीत हासिल की। विजेता टीम में सुधांशु, अगेय कश्यप, श्रृष्टि सिमरन, कैरवी, समीर, शुभम और मनु प्रताप शामिल रहे।
टीम की मार्गदर्शक डॉ. ऐश्वर्या सिंह थीं। वहीं, टीम का नेतृत्व प्रो. (डॉ.) जितेंद्र सिंह, विभागाध्यक्ष, बीबीए, ने टीम प्रमुख के रूप में किया।
विद्यार्थियों ने अपने तर्कपूर्ण लिखित प्रस्तुतीकरण और प्रभावशाली मौखिक दलीलों से निर्णायकों को प्रभावित किया।
तकनीक और कानूनी शिक्षा को जोड़ने का प्रयास
सम्मेलन ने कानूनी शिक्षा को उभरती तकनीक की चुनौतियों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक कानूनी परिस्थितियों में अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल करने का अवसर मिला।
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