सरस्वती विद्या मंदिर ऋषिकेश में शिक्षाविद सुधीर चंद्र नौटियाल का सम्मान

ऋषिकेश। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास, ऋषिकेश में शिक्षाविद एवं वरिष्ठ प्रवक्ता डाइट टिहरी गढ़वाल सुधीर चंद्र नौटियाल का विद्यालय परिवार की ओर से आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत एवं प्रो. गौरव वार्ष्णेय ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।

शिक्षा के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों पर जोर

अपने उद्बोधन में सुधीर चंद्र नौटियाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को विषयों का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें संस्कारवान, अनुशासित, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों का मार्गदर्शन और उनके द्वारा दिए गए संस्कार जीवनभर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहते हैं।

विद्यालय के संस्कारपरक वातावरण की सराहना

सुधीर चंद्र नौटियाल ने विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों एवं संस्कारपरक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर जैसे विद्यालय भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभावना को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानें और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

शिक्षाविदों के अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी

विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने कहा कि सुधीर चंद्र नौटियाल का अनुभव एवं मार्गदर्शन विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने सम्मान समारोह में उपस्थित होने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

प्रो. गौरव वार्ष्णेय ने भी उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षाविदों के अनुभवों से नई पीढ़ी के साथ-साथ शिक्षकों को भी सीखने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर नन्द किशोर भट्ट सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम आत्मीय एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।


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