ड्रग फ्री उत्तराखंड अभियान बना जन आंदोलन—ANTF ने पकड़ीं कई अवैध फैक्ट्रियां, हजारों तस्कर गिरफ्तार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण की मुहिम अब जन आंदोलन का रूप ले रही है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई कर रही है। वहीं, विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से इस मुहिम में जनता की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।

2022 में हुआ था एएनटीएफ का गठन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस दिशा में राज्य सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। इसी क्रम में ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान संचालित किया जा रहा है।

अभियान के तहत वर्ष 2022 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया गया था। टास्क फोर्स अब तक हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद कर चुकी है।

नशा तस्करों की धरपकड़ के साथ ही सटीक सूचना देने वाले आम नागरिकों के लिए इनामी योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत सूचना देने वालों के लिए 20 हजार रुपये से लेकर 2 लाख 40 हजार रुपये तक का इनाम निर्धारित किया गया है।

रैलियों और प्रतियोगिताओं से युवाओं को जागरूक करने की पहल

युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। देहरादून और हल्द्वानी में ‘रन फॉर अवेयरनेस’ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में एंटी ड्रग सेल के माध्यम से डिजिटल और हाथ से बने पोस्टर प्रतियोगिताएं भी कराई गई हैं।

छात्रों की नियमित ट्रैकिंग पर जोर

शिक्षण संस्थानों से कहा गया है कि छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए नशे से जुड़ी घटनाओं की जानकारी न छिपाएं। ऐसी जानकारी संबंधित अधिकारियों या टोल फ्री नंबर 1933 पर देने की अपील की गई है।

संस्थानों को नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और पीजी या हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की नियमित ट्रैकिंग करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही गलत संगति की पहचान कर समय रहते परामर्श और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

कई जिलों में पकड़ी गईं अवैध फैक्ट्रियां

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एएनटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। देहरादून के सेलाकुई, हरिद्वार जिले के भगवानपुर और रुड़की, पौड़ी जिले के कोटद्वार तथा पिथौरागढ़ में अवैध फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं।

हाल ही में नकली दवाओं के संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को चांदपुर, बिजनौर से गिरफ्तार किया गया। बीते माह हल्द्वानी में एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और नशे में इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाइयां बरामद की गईं।

हरिद्वार में एक मेडिकल स्टोर संचालक के आवास, फ्लैट और कार की तलाशी के दौरान 200 बोतल अवैध कोडीन युक्त सिरप बरामद किया गया। वहीं, देहरादून के थाना सहसपुर क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर से 112 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए।

ड्रग फ्री उत्तराखंड अभियान: एक नजर में

  • नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
  • ड्रग फ्री उत्तराखंड के एक्शन प्लान पर पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
  • बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी कड़ी की गई है और रात्रि गश्त बढ़ाई गई है।
  • स्कूलों और कॉलेजों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
  • पुनर्वास और नशा मुक्ति केंद्रों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
  • एएनटीएफ को और अधिक मजबूत किया गया है।
  • ‘दगड़या क्लब’ के माध्यम से युवाओं को नशा छोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

नशे के आदी युवाओं को मुख्यधारा में लाने पर जोर: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

उन्होंने कहा कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अपनी कार्रवाई कर रही है और सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। नशे के आदी हो चुके युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा काउंसलिंग के लिए काउंसलर तैनात किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड


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