चमोली। 22 सितंबर 2026 को उत्तराखंड क्रांति दल, चमोली की ओर से उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) द्वारा प्रदेशभर की लगभग 7,000 बीघा जमीन को कथित रूप से मनमाने तरीके से बेचने और उसका दुरुपयोग करने के संबंध में जिलाधिकारी चमोली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित की अध्यक्षता में सौंपा गया।
सरकार पर सरकारी भूमि खुर्द-बुर्द करने का आरोप
इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने आरोप लगाया कि धामी सरकार जानबूझकर प्रदेश की सरकारी जमीनों को खुर्द-बुर्द करने में लगी है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान टी-स्टेट की भूमि को लेकर भी इसी तरह के कार्य किए जाने का आरोप लगाया।
सजवाण ने सुझाव दिया कि मैदानी क्षेत्रों की सरकारी भूमि पर मल्टी-लेवल पार्किंग, बस-टैक्सी स्टैंड और बाजार विकसित किए जाएं। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में सामुदायिक बागवानी, स्थानीय उत्पादों के लिए हाट-बाजार और कोल्ड स्टोरेज, हस्तशिल्प केंद्र तथा होम-स्टे जैसी सुविधाएं विकसित कर स्थानीय लोगों को लीज पर दी जाएं, ताकि व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने ऐसी भूमि का उपयोग विद्यालयों और चिकित्सालयों के निर्माण के लिए किए जाने का सुझाव भी दिया।
पलायन रोकने के लिए स्थानीय लोगों को अवसर देने की मांग
राज्य आंदोलनकारी कमल किशोर डिमरी ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी भूमि बेचने का काम कर रही है, जिससे पलायन बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि या भवन स्थानीय व्यापारियों और लोगों को उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर पैदा हों तथा पलायन रोकने में मदद मिले।
UIIDB भंग नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित ने कहा कि यदि सरकार जल्द UIIDB को भंग कर सरकारी जमीनें व्यवसाय के लिए स्थानीय लोगों को उपलब्ध नहीं कराती है, तो उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस अवसर पर जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट, धर्मेंद्र फर्श्वाण, विपिन फर्श्वाण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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