देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताते हुए पार्टी ने राष्ट्रपति से मामले की सीबीआई जांच कराने और नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।
अंकिता हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की जांच की मांग
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और प्रदेश सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से ही कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इनका संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया है। उनका दावा है कि मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी इस मामले से जुड़े सार्वजनिक आरोपों और चर्चाओं में सामने आया है। ऐसे में, जब अंकिता के परिजन और प्रदेश की जनता निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, तब उन्हें राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना जनभावनाओं को आहत करने वाला है।
पार्टी ने कहा कि संवैधानिक पदों पर नियुक्ति से पहले गंभीर सार्वजनिक आरोपों का निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड को महिला सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच से जुड़ा संवेदनशील मामला बताया। पार्टी ने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं और किसी की राजनीतिक हैसियत या संवैधानिक पद जांच में बाधा नहीं बनना चाहिए।
राष्ट्रपति से की छह मांगें
कांग्रेस ने राष्ट्रपति के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं:
- अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध सीबीआई जांच कराई जाए।
- दुष्यंत कुमार गौतम के संबंध में सामने आए सार्वजनिक आरोपों की जांच कर तथ्यों को स्पष्ट किया जाए।
- उनकी राज्यपाल नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए।
- कथित वीवीआईपी की पहचान और भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की समीक्षा की जाए।
- अंकिता के परिजनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
- साक्ष्यों को प्रभावित करने या तथ्यों को छिपाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
लोकभवन से मुलाकात का समय नहीं मिलने का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन लोकभवन से समय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
पत्रकार वार्ता में एआईसी प्रवक्ता एवं उत्तराखंड मीडिया पर्यवेक्षक पंखुड़ी पाठक, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह भी मौजूद रहीं।
पत्रकार वार्ता के बाद गणेश गोदियाल, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत और सुरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता लोकभवन के गेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
कांग्रेस ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और हत्याकांड से जुड़े अनुत्तरित सवालों के जवाब सामने लाने के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।
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