चमोली में DLRC बैठक: 254 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत मिला ऋण

चमोली। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को जिला सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्षिक ऋण-जमा उपलब्धि, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो), बैंकिंग नेटवर्क तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम स्टे और स्पेशल कंपोनेंट प्लान सहित विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत ऋण तथा वितरित ऋण की स्थिति पर चर्चा हुई।

ऋण आवेदन अस्वीकृत करने पर स्पष्ट कारण दर्ज करने के निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों को निर्देश दिए कि सरकारी ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों को यदि अस्वीकृत किया जाता है तो उसका स्पष्ट कारण दर्ज किया जाए, ताकि संबंधित विभाग उस पर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

उन्होंने 40 प्रतिशत से कम ऋण-जमा अनुपात वाले बैंकों को सीडी रेशियो में सुधार लाने के निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, इसलिए पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

दूरस्थ क्षेत्रों के आवेदकों को बार-बार बैंक न बुलाया जाए

सीडीओ ने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों से आने वाले आवेदकों को बैंकिंग प्रक्रिया के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित विभागों और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण आवेदनों के निस्तारण की समय-सीमा तय की जाए।

उन्होंने बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए गए ऋण आवेदनों की विभागीय स्तर पर भी समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अगली बैठक में शाखावार उपलब्धि देनी होगी

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को आगामी तिमाही बैठक में शाखावार निर्धारित लक्ष्य और उसके सापेक्ष प्राप्त उपलब्धि की विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इससे विभिन्न योजनाओं की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 254 लाभार्थियों को मिला ऋण

बैठक में लीड बैंक अधिकारी ने योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 650 के लक्ष्य के सापेक्ष 629 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें से 254 आवेदनों पर ऋण वितरित किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदनों पर कार्रवाई जारी है।

वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1,509 आवेदनों के सापेक्ष 1,103 आवेदनों पर ऋण वितरण किया गया है।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के वाहन मद में 6 के लक्ष्य के सापेक्ष 3 तथा गैर-वाहन मद में 19 के सापेक्ष 5 आवेदनों पर ऋण वितरित किया गया। होम स्टे योजना में 42 आवेदनों के सापेक्ष 9 आवेदनों पर ऋण वितरण की जानकारी दी गई।

पहली तिमाही में 26.76 प्रतिशत रहा सीडी रेशियो

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में जनपद का ऋण-जमा अनुपात 26.76 प्रतिशत रहा।

सीडीओ ने कहा कि स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सके।

बैठक में परियोजना निदेशक आनंद सिंह, आरबीआई देहरादून से रजनीश सैनी, नाबार्ड से श्रेयांश जोशी सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


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