चमोली: हेमकुंड साहिब यात्रा में 15 दिनों में 65 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

चमोली।
विश्व प्रसिद्ध श्री हेमकुंड साहिब यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ जारी है। 23 मई से प्रारंभ हुई यात्रा में मात्र 15 दिनों के भीतर 65,840 से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।

व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित हो रही यात्रा

जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रा का संचालन सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से किया जा रहा है। समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।

यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम

दुर्गम पर्वतीय मार्ग और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।

गोविंदघाट में वाहनों की पार्किंग हेतु 150 बसों, 747 कारों एवं 545 दोपहिया वाहनों की क्षमता विकसित की गई है। इसके अलावा पुलना पड़ाव पर स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से 150 अतिरिक्त दोपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी की गई है।

60 वाहनों की शटल सेवा संचालित

गोविंदघाट से पुलना तक श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 60 स्थानीय वाहन शटल सेवा के रूप में संचालित किए जा रहे हैं। इन वाहनों का संचालन रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जा रहा है।

स्वास्थ्य, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्थाएं मजबूत

यात्रा मार्ग पर पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, आवास और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। वहीं सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती कर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार मजबूत की जा रही हैं।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर प्रशासन की नजर

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और सतत निगरानी कर रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिले तथा यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


? व्हाट्सऐप पर शेयर करें