गौचर। आगामी 14 से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले 74वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेला मैदान में दुकानों और स्टॉलों के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, ताकि मेले के दौरान व्यापारियों एवं दुकानदारों को व्यवस्थित ढंग से जगह उपलब्ध कराई जा सके।
मैपिंग से आसान होगी आवंटन प्रक्रिया
मैपिंग के माध्यम से दुकानों के लिए निर्धारित स्थलों की स्थिति और उपलब्ध स्थान का आकलन किया जा रहा है। इससे दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के साथ ही मेला मैदान में लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलेगी।
व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है गौचर मेला
गौरतलब है कि गौचर मेला उत्तराखंड के प्रमुख ऐतिहासिक एवं व्यापारिक मेलों में शामिल है। इसमें स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ बाहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में दुकानदार और व्यापारी पहुंचते हैं। विभिन्न विभागों के स्टॉल, प्रदर्शनियां और व्यावसायिक गतिविधियां भी मेले के प्रमुख आकर्षण रहती हैं।
समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की तैयारी
मेला शुरू होने से पहले दुकानों और स्टॉलों के निर्माण के साथ मैपिंग का कार्य शुरू होने से इस बार व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने की तैयारी है। अब व्यापारियों और दुकानदारों की नजरें दुकानों के आवंटन की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हैं।
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