नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट किए जाने के मामले में जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने विरोध तेज़ करने के संकेत दिए हैं। प्रताप भैया सभागार में जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित आम सभा में अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट शिफ्टिंग के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की और इसे पहाड़ के हितों के लिए नुकसानदेह बताया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट ने कहा कि हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करना पहाड़ के लिए नुकसानदेह होगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता पहाड़ के हितों के साथ खड़े हैं और इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
शिफ्टिंग से पलायन बढ़ने की जताई आशंका
सचिव संजय सुयाल सहित अन्य वक्ताओं ने हाईकोर्ट शिफ्टिंग को लेकर चिंता व्यक्त की। उप सचिव नीरज गोस्वामी ने कहा कि उत्तराखंड का करीब 85 प्रतिशत क्षेत्र पर्वतीय होने के बावजूद बड़े संस्थानों का अधिकांश हिस्सा 15 प्रतिशत तराई क्षेत्र में स्थापित है। उन्होंने आशंका जताई कि हाईकोर्ट भी तराई क्षेत्र में जाने से पहाड़ों से पलायन को बढ़ावा मिल सकता है।
पूर्व अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने कहा कि आंदोलन शुरू करने से पहले सभी सहयोगियों से वार्ता कर आगे की रणनीति तय की जानी चाहिए। वहीं पूर्व अध्यक्ष नीरज साह ने विरोध को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
पूर्व अध्यक्ष मनीष मोहन जोशी ने भी हाईकोर्ट शिफ्टिंग का विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में किसी स्थापित हाईकोर्ट को दूसरी जगह शिफ्ट होते नहीं देखा और वर्तमान परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए।
सभी बार एसोसिएशन से वार्ता के बाद तय होगी रणनीति
सभा में सुशील शर्मा, तरुण चंद्रा, मनीष कांडपाल, अशोक मौलेखी, सोहन तिवारी, रचित तिवारी, भानू प्रताप सिंह मौनी, नवीन पंत, संध्या शर्मा, कैलाश जोशी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने भी हाईकोर्ट शिफ्टिंग का विरोध किया।
अंत में बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरुण बिष्ट ने कहा कि संगठन पहाड़ के हितों के साथ खड़ा है। हाईकोर्ट शिफ्टिंग के विरोध में आगे आंदोलन को लेकर प्रदेश की अन्य बार एसोसिएशन से वार्ता की जाएगी और इसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।
सभा का संचालन सचिव संजय सुयाल ने किया। इस दौरान उपाध्यक्ष कमल चिलवाल, उप सचिव नीरज गोस्वामी, कार्यकारिणी सदस्य निर्मल कुमार, बिलाल अहमद, तारा आर्या, सरिता बिष्ट, मान सिंह बिष्ट, सुनील बिष्ट, हेमा शर्मा, पूजा साह, किरण आर्या, कमला अधिकारी, दीपक दत्त पांडे, मो. तय्यब, अब्दुल समीर, हरेंद्र सिंह, अनिल वाल्मीकि, बी.के. सांगुड़ी, पवन खनायत सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट: ललित जोशी
? व्हाट्सऐप पर शेयर करें
