ऋषिकेश। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थाओं द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश में एनसीटीई टीम के चार दिवसीय आवासीय विद्यालय दर्शन एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने एनसीटीई टीम के सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया।
अंगवस्त्र और बैज से किया अतिथियों का स्वागत
विद्यालय के प्रबंधक प्रो. गौरव वार्ष्णेय एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं बैज अलंकृत कर स्वागत-अभिनंदन किया।
उन्होंने एनसीटीई टीम के सदस्यों का विद्यालय में आगमन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुभवात्मक कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में नवीन विचारों और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
अनुभवात्मक अधिगम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम
कार्यक्रम में प्रो. अजय जोशी ने अनुभवात्मक अधिगम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़नी चाहिए।
उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारयुक्त शिक्षा और विद्यालय में अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों के प्रत्यक्ष अनुभव को विद्यार्थियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विद्यालय के प्रबंधक प्रो. गौरव वार्ष्णेय एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने भी एनसीटीई टीम का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, संस्कार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
चार दिनों तक पंचपदीय शिक्षण और पंचकोष का होगा अध्ययन
विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने बताया कि चार दिवसीय आवासीय कार्यक्रम के दौरान एनसीटीई टीम विद्या भारती द्वारा संचालित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पंचपदीय शिक्षण, पंचकोष, पांच विषय एवं शिशु विद्या मंदिर की कार्यप्रणाली का अवलोकन एवं अनुभव करेगी।
उन्होंने बताया कि टीम विद्यालय के पुरातन छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं अन्य हितधारकों से भी संवाद करेगी और उनके अनुभव एवं सुझाव प्राप्त करेगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था, संस्कार आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को निकट से समझना है। चार दिनों के दौरान एनसीटीई टीम विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों का भी अध्ययन करेगी।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य रामगोपाल रतूड़ी ने किया।
? व्हाट्सऐप पर शेयर करें
