कर्णप्रयाग: डुग ल्वाली में देवी भागवत कथा के सप्तम दिवस मां भगवती की महिमा का गुणगान—आचार्य कोठियाल ने दिया सद्मार्ग का संदेश

कर्णप्रयाग। डुग ल्वाली में 12 सितंबर से आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के सप्तम दिवस मां भगवती की महिमा का गुणगान किया गया। व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल ने देवी के विभिन्न स्वरूपों और अवतारों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और सद्मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा पंडाल पहुंचे।

देवी के विभिन्न अवतारों का किया वर्णन

आचार्य सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल ने देवी भागवत के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि मां भगवती ने समय-समय पर विभिन्न रूपों में अवतार लेकर भक्तों की रक्षा की और आसुरी शक्तियों का संहार किया।

उन्होंने मधु-कैटभ तथा शुंभ-निशुंभ जैसे दैत्यों के वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि देवी ने अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना की।

आचार्य ने कहा कि देवी भागवत कथा का उद्देश्य मनुष्य के भीतर मां भगवती की चेतना को जागृत करना है। आध्यात्मिक चेतना जागृत होने पर मनुष्य सत्य, धर्म और सद्मार्ग की ओर बढ़ता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सेवा, सदाचार, संयम और परोपकार को अपनाने का आह्वान किया।

गढ़वाली भजनों पर झूमे श्रद्धालु

कथा के दौरान मोहित सती ने गढ़वाली भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। गढ़वाली भजनों की धुन पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे और मां भगवती के जयकारों से कथा पंडाल गूंज उठा।

भजनों में स्थानीय लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया।

मोहित सती और शशांक पांडे ने दी संगत

भजन प्रस्तुति में कीबोर्ड पर मोहित सती और तबले पर शशांक पांडे ने संगत दी। वहीं धार्मिक अनुष्ठान और कथा वाचन में आचार्य भगवती प्रसाद सती ने भी सहयोग किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कथा स्थल के धार्मिक वातावरण को और भक्तिमय बना दिया।

कथा को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह

डुग ल्वाली में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह बना हुआ है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं।

कथा के दौरान देवी की आराधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


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