देहरादून। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट ने “Mission Zero Road Deaths India 2035” के तहत राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अभियान का उद्देश्य वर्ष 2035 तक भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को शून्य के करीब लाने के लिए सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, परिवहन क्षेत्र, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को एक साझा राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा सुझाव-पत्र
अभियान के तहत देशभर से नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद भारत सरकार के प्रधानमंत्री को एक विस्तृत जन-याचिका एवं सुझाव-पत्र सौंपा जाएगा। इसमें सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित करते हुए “राष्ट्रीय मिशन – Zero Road Deaths India 2035” लागू करने का अनुरोध किया जाएगा।
अभियान की प्रमुख मांगें
ट्रस्ट ने अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें वर्ष 2035 तक Zero Road Deaths India का राष्ट्रीय लक्ष्य घोषित करना, सड़क सुरक्षा के लिए समर्पित राष्ट्रीय मिशन का गठन, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट, ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार, सभी शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को अनिवार्य बनाना, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग को सख्ती से लागू करना, दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर त्वरित चिकित्सा एवं एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना, सुरक्षित सड़क डिजाइन, पैदल यात्रियों, दिव्यांगजनों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, आधुनिक तकनीक एवं एआई आधारित निगरानी प्रणाली को बढ़ावा देना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की वार्षिक राष्ट्रीय प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है।
सड़क सुरक्षा सामाजिक जिम्मेदारी भी: योगिता जोशी
ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती योगिता जोशी ने कहा कि सड़क दुर्घटना केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की त्रासदी होती है। यदि सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करें तो हजारों परिवारों को अपने प्रियजनों को खोने से बचाया जा सकता है। उन्होंने देशवासियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
हर नागरिक का हस्ताक्षर बनेगा बदलाव की ताकत
राष्ट्रीय सचिव चन्द्रवीर गायत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। प्रत्येक नागरिक का एक हस्ताक्षर इस अभियान को राष्ट्रीय जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों, शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत से इस मिशन से जुड़ने का आह्वान किया।
‘हर जीवन अमूल्य है’
ट्रस्ट की संस्थापक श्रीमती कमला देवी ने कहा कि प्रत्येक जीवन अमूल्य है और सामूहिक प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह केवल हस्ताक्षर अभियान नहीं, बल्कि सुरक्षित भारत के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है।
ट्रस्ट ने देश के सभी सांसदों, विधायकों, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग प्राधिकरणों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, उद्योग संगठनों, चिकित्सकों, मीडिया संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो
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