देहरादून, 29 सितंबर 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, सड़क सुरक्षा साइनेज, खराब स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइटों की मरम्मत, मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग पर कार्रवाई तथा मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की मरम्मत सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लगेंगे प्रभावी साइनेज
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में स्पष्ट एवं प्रभावी जागरूकता साइनेज लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि साइनेज के माध्यम से वाहन चालकों को संभावित खतरों के प्रति समय रहते सचेत किया जा सकेगा।
डीएम ने विशेष रूप से आशारोड़ी टनल के आसपास सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क सुरक्षा के आवश्यक उपाय प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत आशारोड़ी क्षेत्र में 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1,880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स स्थापित किए जा चुके हैं।
खराब स्ट्रीट और ट्रैफिक लाइट तत्काल होंगी दुरुस्त
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक लाइटों का संज्ञान लेते हुए स्मार्ट सिटी के माध्यम से उनका तत्काल मेंटिनेंस कराकर ऑपरेशनल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में खराब लाइटों की मरम्मत और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मसूरी में रेस ड्राइविंग पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
डीएम ने मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही संवेदनशील और अधिक यातायात वाले मार्गों पर निगरानी एवं प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
92 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 46 अधिकारियों की तैनाती
निर्माण कार्यों और मानसून के दौरान नगर निगम देहरादून क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों के क्षतिग्रस्त होने के मद्देनजर जिलाधिकारी ने 92 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की है।
नामित अधिकारी अपने-अपने आवंटित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान सड़क पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्यों को चिन्हित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबंधित मार्ग की स्थिति की फोटो सहित विस्तृत सूचना और आख्या तैयार करनी होगी। यह रिपोर्ट संबंधित सड़क विभाग और कार्यदायी संस्था को आवश्यक मरम्मत एवं सुधारात्मक कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
डीएम ने सभी नामित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने आवंटित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण निर्धारित अवधि में पूरा कर दो दिवस के भीतर रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
सुरक्षित सड़क संरचना भी सड़क सुरक्षा का अहम हिस्सा
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है। सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्पष्ट साइनेज, प्रभावी निगरानी और समयबद्ध मरम्मत भी सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक यादव एवं भृगु द्विवेदी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित एनएच, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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