चमोली, 31 अक्टूबर 2026। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। जांच के बाद अब 1 और 2 नवंबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉकपोल कराया जाएगा।
ईसीआईएल के इंजीनियरों ने की मशीनों की जांच
विकास भवन, गोपेश्वर के सामने स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियरों ने जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार मशीनों की जांच की। पूरी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे और उन्होंने जांच कार्य का अवलोकन किया।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने शनिवार को ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण कर एफएलसी कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
633 मतदान केंद्रों के लिए मशीनों की जांच पूरी
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निर्वाचन से पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच कराना अनिवार्य है। निर्वाचन प्रक्रिया में केवल एफएलसी में सफल और प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जनपद में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन सुनिश्चित करने के लिए सभी मशीनों की जांच निर्धारित तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई है।
जनपद के कुल 633 मतदान केंद्रों के लिए निम्नलिखित मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच पूरी की गई है:
- 1,130 बैलेट यूनिट (BU)
- 1,250 कंट्रोल यूनिट (CU)
- 1,294 वीवीपैट मशीनें
1 और 2 नवंबर को राजनीतिक दलों की मौजूदगी में होगा मॉकपोल
एफएलसी के बाद मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए 1 और 2 नवंबर 2026 को मॉकपोल कराया जाएगा। यह प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में रेंडमली चयनित मशीनों पर संपन्न होगी। इसके लिए कुल मशीनों में से 5 प्रतिशत मशीनों का चयन किया जाएगा।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चयनित मशीनों पर इस प्रकार मॉकपोल होगा:
- 1 प्रतिशत मशीनों पर 1,200 वोट डालकर परीक्षण किया जाएगा।
- 2 प्रतिशत मशीनों पर 1,000 वोट डालकर परीक्षण होगा।
- शेष 2 प्रतिशत मशीनों पर 500 वोट डालकर मॉकपोल किया जाएगा।
इस प्रक्रिया के माध्यम से मशीनों की कार्यक्षमता, मतों की रिकॉर्डिंग और वीवीपैट की तकनीकी विश्वसनीयता का परीक्षण किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे मॉकपोल की प्रक्रिया में अपने अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में राजनीतिक दलों की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
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