चमोली: जिलाधिकारी गौरव कुमार ने विकास योजनाओं की समीक्षा की, वाइब्रेंट विलेज और एमबीएडीपी कार्यों पर दिए निर्देश

चमोली।
जनपद में प्रभावी प्रशासन, सुशासन एवं जनसेवा वितरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वाइब्रेंट विलेज के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सभी 14 गांवों के शेष प्रस्तावों को शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कार्यक्रम के अंतर्गत जुम्मा गांव को भी शामिल किया गया है।

एमबीएडीपी के 31 में से 29 कार्य पूर्ण

एमबीएडीपी कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि ₹222.52 लाख की लागत से स्वीकृत 31 कार्यों में से 29 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने डेयरी विभाग एवं ग्रामीण निर्माण विभाग को शेष दो कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

सीमांत विकास और पलायन रोकथाम योजनाओं की समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर

जिलाधिकारी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा उन्हें REAP (रीप) कार्यक्रम से जोड़ने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।

पीएम आवास योजना के तहत 14,638 सर्वे पूर्ण

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत जनपद में अब तक 14,638 आवास सर्वेक्षण पूर्ण किए जा चुके हैं।

मनरेगा और वीबीजी राम जी योजना पर फोकस

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वीबीजी राम जी योजना के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी विकासखंडों से प्रस्तावित कार्यों की सूची तैयार कर ली जाए।

इसके साथ ही मनरेगा के तहत संचालित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा नियमित सोशल ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

ई-केवाईसी में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को ई-केवाईसी की प्रगति बढ़ाते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

रीप कार्यक्रम से 22 हजार से अधिक हितधारक लाभान्वित

बैठक में बताया गया कि रीप कार्यक्रम के तहत जनपद की 48 सीएलएफ को शामिल किया गया है, जिनके अंतर्गत 487 गांव आते हैं। इनसे 4,121 स्वयं सहायता समूह जुड़े हुए हैं तथा 22,072 हितधारक इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रहे हैं।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लाभार्थियों की आजीविका संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी के.के. पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


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