चमोली। जनपद में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रतिबंधित एवं नकली दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से सोमवार को औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने गोपेश्वर और चमोली क्षेत्र के मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं की गुणवत्ता की जांच और नकली दवाओं की रोकथाम के लिए गोपेश्वर क्षेत्र से सात दवाओं के नमूने एकत्र किए गए।
लाइसेंस से लेकर दवाओं के भंडारण तक की जांच
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों के औषधि विक्रय लाइसेंस, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपलब्धता और उनकी उपस्थिति में दवाओं की बिक्री की व्यवस्था की जांच की गई। इसके साथ ही मेडिकल स्टोरों में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनकी रिकॉर्डिंग का भी निरीक्षण किया गया।
औषधि निरीक्षक ने एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित एवं पृथक रखरखाव, मनःप्रभावी औषधियों के उचित भंडारण और दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित बिलों की भी जांच की।
नारकोटिक दवाओं की बिक्री पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए कि नारकोटिक औषधियों की बिक्री केवल चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही की जाए। साथ ही औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत निर्धारित लाइसेंस की सभी शर्तों और नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा गया।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने स्पष्ट किया कि जनपद में मेडिकल स्टोरों के निरीक्षण और औषधियों की गुणवत्ता की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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