बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे की अध्यक्षता में सोमवार को जनपद के विद्यालयों में शिक्षकों एवं विषयवार उपलब्धता की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों और प्रवक्ताओं की कमी की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
विद्यालयवार शिक्षकों की उपलब्धता का किया विश्लेषण
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी गरुड़ एवं कपकोट ने विद्यालयवार और विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता का विस्तृत विश्लेषण जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस दौरान विद्यालयों में संचालित विषयों, संबंधित विषयों के शिक्षकों तथा रिक्त पदों की स्थिति की जानकारी दी गई।
विषय विशेषज्ञ न होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विद्यालयों में विज्ञान सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, वहां नियमित व्यवस्था होने तक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए तत्काल वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निकटवर्ती विद्यालयों के शिक्षकों के माध्यम से वर्चुअल कक्षाएं संचालित करने की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही आवश्यकता के अनुसार स्वयंसेवी शिक्षकों की सहायता लेने और आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
एक सप्ताह में तैयार होगी कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्चुअल कक्षाओं की संभावनाओं को लेकर एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रवक्ताओं की नियुक्ति अथवा उपलब्धता होने तक विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
इसके लिए विद्यालयवार ठोस एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के साथ वर्चुअल कक्षाओं और अन्य वैकल्पिक माध्यमों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
कमजोर नेटवर्क वाले विद्यालयों में वाई-फाई की तैयारी
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के जिन विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है अथवा वर्चुअल कक्षाओं के संचालन में नेटवर्क संबंधी समस्या आ रही है, उनकी ब्लॉक एवं विद्यालयवार सूची तैयार की जाए।
उन्होंने ऐसे विद्यालयों में वाई-फाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
नियमित समीक्षा के निर्देश
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयवार शिक्षकों की उपलब्धता और आवश्यकता का विश्लेषण कर प्राथमिकता के आधार पर वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था लागू करने तथा उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
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