बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना पहाड़ के युवाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है।
100 लाख रुपये की अनुमानित लागत से सौर परियोजना
जनपद बागेश्वर के विकासखंड बागेश्वर के ग्राम ओखलसो निवासी भुवन सिंह ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत 200 किलोवाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की पहल की है। परियोजना की अनुमानित लागत 100 लाख रुपये है।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी उद्योग विभाग द्वारा प्रदान की जाती है, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है।
स्थानीय संसाधनों से गांव में बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि
भुवन सिंह की यह पहल पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा परियोजना के माध्यम से स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गांव में ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का उद्देश्य राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। भुवन सिंह की पहल इस दिशा में एक उदाहरण के रूप में सामने आई है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर पहाड़ के युवा अपने गांव में ही सौर ऊर्जा जैसी परियोजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में बढ़ते कदम को दर्शाती है।
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