बागेश्वर। जनपद में पशु उपयोगार्थ औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक ने केंद्रीय औषधि भंडार एवं जिला पशु चिकित्सालय के औषधि भंडार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के सुरक्षित भंडारण, शीत श्रृंखला (कोल्ड चेन), अभिलेखों के संधारण और नियमानुसार औषधि प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की गई।
भंडारण व्यवस्था और रिकॉर्ड की जांच
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे के निर्देश पर औषधि निरीक्षक सुश्री पूजा रानी ने केंद्रीय औषधि भंडार, पशुपालन विभाग तथा जिला पशु चिकित्सालय, बिलौना के औषधि भंडार का निरीक्षण किया। इस दौरान तापमान नियंत्रण प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर, औषधियों की प्राप्ति-निर्गमन, एक्सपायरी प्रबंधन और दवाओं की भौतिक स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। साथ ही गुड स्टोरेज प्रैक्टिसेज (GSP) के अनुपालन का भी मूल्यांकन किया गया।
स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को औषधि भंडार में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने तथा निर्माता द्वारा निर्धारित तापमान और मानकों के अनुसार औषधियों का भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आर्द्रता के प्रति संवेदनशील दवाओं को नियंत्रित एवं शुष्क वातावरण में सुरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
नियमित सत्यापन और गुणवत्ता पर फोकस
औषधि निरीक्षक ने वैधानिक अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने, स्टॉक का समय-समय पर सत्यापन करने और औषधि भंडारण एवं वितरण से जुड़े सभी नियामकीय प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण से औषधियों की गुणवत्ता बनी रहती है और पशुओं के उपचार में बेहतर परिणाम मिलते हैं।
निरीक्षण आगे भी रहेंगे जारी
सुश्री पूजा रानी ने बताया कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य शासकीय संस्थानों में गुणवत्तायुक्त, सुरक्षित और प्रभावी पशु औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। विभाग भविष्य में भी नियमित निरीक्षण जारी रखेगा, ताकि पशुपालकों और पशुधन को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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