चमोली: आईटीबीपी की सिपाही पूनम देवी का निधन, पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

चमोली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 13वीं वाहिनी में तैनात सिपाही पूनम देवी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। बुधवार को उनके पार्थिव शरीर का उनके पैतृक गांव तलवाड़ी खालसा में पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान क्षेत्र में शोक की लहर रही और बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

31 मई को हुआ था निधन

आईटीबीपी अधिकारियों के अनुसार, सिपाही पूनम देवी पत्नी राकेश कुमार, निवासी तलवाड़ी खालसा, वर्तमान में आईटीबीपी की 13वीं बटालियन, लिगडम (सिक्किम) में तैनात थीं। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं। उपचार के दौरान 31 मई को उनका निधन हो गया।

पैतृक गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

बुधवार को पूनम देवी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव तलवाड़ी खालसा लाया गया। गांव पहुंचते ही परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे।

पिंडर नदी तट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

दोपहर बाद उनके पार्थिव शरीर को पिंडर नदी तट स्थित पैतृक घाट ले जाया गया, जहां पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान आईटीबीपी जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

आईटीबीपी अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार में आईटीबीपी के सहायक सेनानी गौरव सिंह बिष्ट एवं निरीक्षक राजेंद्र सहित अन्य अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। अधिकारियों ने पूनम देवी की सेवाओं को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जताया शोक

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर दिवंगत जवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

देश सेवा के प्रति समर्पित रही पूनम देवी

पूनम देवी ने आईटीबीपी में रहते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उनके असामयिक निधन से परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित जवान के रूप में याद किया।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


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