श्रीनगर/खिर्सू। लंबे अध्ययन और शोध के बाद नितिन कांत प्रभाकर ने डॉक्टरेट की उपाधि हासिल कर अपने गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने मध्य हिमालय की वनस्पतियों पर शोध कार्य किया। यह उपलब्धि उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल से हासिल की है।
कठिन परिस्थितियों में जारी रखा अध्ययन
नितिन कांत प्रभाकर के लिए यह उपलब्धि आसान नहीं रही। पढ़ाई के दौरान ही उनके पिता का निधन हो गया। परिवार में किसी के नौकरी पर न होने के कारण उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियां भी रहीं। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य और मेहनत का साथ नहीं छोड़ा और अपने अध्ययन एवं शोध कार्य को लगातार जारी रखा।
मध्य हिमालय की वनस्पतियों पर किया शोध
नितिन कांत प्रभाकर ने प्रो. जगत प्रकाश मेहता, प्रो. ममता आर्य और डॉ. संजीव नायका के नेतृत्व में मध्य हिमालय की वनस्पतियों पर शोध कार्य पूरा किया। शोध पूर्ण होने के बाद उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
नितिन कांत प्रभाकर मूल रूप से ग्राम कांडा, विकासखंड खिर्सू, जिला पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
क्षेत्रवासियों ने दी बधाई
डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने पर ग्रामवासियों, श्रीनगर क्षेत्र के लोगों और विकासखंड खिर्सू सहित विभिन्न लोगों ने नितिन कांत प्रभाकर को शुभकामनाएं दीं।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री सहित विभिन्न गणमान्य लोगों ने भी उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
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