हल्द्वानी में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन, CM धामी ने कीं आठ बड़ी घोषणाएं

 

हल्द्वानी, 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

व्यापारी प्रदेश के आर्थिक विकास में निभा रहे अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार व्यापारियों को सुरक्षित, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रयासरत है।

व्यापारी हितों से जुड़ीं आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में व्यापारी हितों से संबंधित निम्नलिखित घोषणाएं कीं:

1. आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

2. उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इनकी नियमित बैठकें भी आयोजित होंगी।

3. दुर्घटना बीमा की जानकारी का प्रचार-प्रसार: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

4. पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण में सरलता: पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।

5. होमस्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।

6. चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग: चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।

7. बाजारों में सड़क और नालियों की मरम्मत: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

8. पंजीकृत श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में व्यापार और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में कार्य कर रही है।

स्टार्टअप और पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारी स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित कर सकें।

उन्होंने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा।

व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया। साथ ही व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत एवं सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 


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