रांची। झारखंड के हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के दौरे के दौरान पत्रकार पर हुए हमले को लेकर विभिन्न पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस घटना की भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस) एवं झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (जेजेए) सहित उत्तराखंड इकाई ने घोर निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री के सामने पत्रकार से मारपीट पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक पत्रकार द्वारा स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछने पर मंत्री के समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की। यह घटना मंत्री एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई, जिस पर किसी ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया।
पत्रकार संगठनों का कड़ा रुख
बीएसपीएस के राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्रा ने कहा कि यह घटना बेहद गंभीर है और यह हमला केवल एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपूर्णा नंद भारती ने कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाकर हमला करने वाले लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तराखंड इकाई ने भी जताया विरोध
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर गायत्री ने घटना की घोर भर्त्सना करते हुए झारखंड सरकार से संबंधित मंत्री के खिलाफ कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज
बीएसपीएस एवं जेजेए के संस्थापक शाहनवाज हसन ने कहा कि झारखंड में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग दोहराई।
कई पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी
इस मामले में संगठन के कई पदाधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई की मांग की, जिनमें विष्णु शंकर उपाध्याय, जावेद इस्लाम, कृष्णा गुप्ता, अर्जुन सोनी और अजय मिश्रा शामिल हैं।
निष्कर्ष
पत्रकारों पर हमले की इस घटना ने एक बार फिर उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो
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