गौचर। कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के सकंड गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गांव के लिए प्रस्तावित सड़क को प्रथम चरण की स्वीकृति मिल गई है। लोक निर्माण विभाग गौचर की ओर से सड़क के प्रथम चरण का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है। अब सड़क निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।
स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों ने जताया आभार
सड़क को प्रथम चरण की स्वीकृति मिलने पर शनिवार को सकंड गांव के ग्रामीण गौचर स्थित विधायक के आवास पर पहुंचे और उनका आभार जताया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग भी रखी।
ग्रामीणों के सुझाव पर हुआ नए एलाइनमेंट का सर्वे
जानकारी के अनुसार, सकंड गांव को सड़क से जोड़ने के लिए जनवरी माह में विधायक की ग्रामीणों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में ग्रामीणों के सुझावों के आधार पर सड़क के नए एलाइनमेंट का सर्वे कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। अब शासन से सड़क को प्रथम चरण की स्वीकृति मिल चुकी है।
लोक निर्माण विभाग गौचर के अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि सकंड गांव की सड़क के प्रथम चरण का सर्वे पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ग्रामीणों ने जल्द सड़क निर्माण की जताई जरूरत
सड़क निर्माण में हो रही देरी और गांव की जरूरत को देखते हुए ग्रामीणों ने अपने स्तर से सड़क निर्माण का निर्णय भी लिया था। ग्रामीणों का कहना था कि गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।
इस बीच, सड़क की स्वीकृति को लेकर कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के गांव पहुंचने और इसका श्रेय लेने के प्रयासों की बात भी ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष रखी।
हर गांव को सड़क से जोड़ना प्राथमिकता: विधायक
विधायक ने बताया कि सकंड गांव की सड़क की स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे थे और ग्रामीणों को समय-समय पर इसकी प्रगति की जानकारी दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग विधानसभा के प्रत्येक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के चौथे चरण के तहत विधानसभा क्षेत्र की 50 से अधिक सड़कों के नवनिर्माण, डामरीकरण और सुधारीकरण के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजे गए हैं। इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के कई गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के साथ ही पुराने मार्गों का सुधारीकरण भी किया जा सकेगा।
रिपोर्ट: प्रदीप चौहान
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