गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को जोड़ने वाला NH-109 राष्ट्रीय राजमार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। सड़क की स्थिति के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डामर कम, गड्ढे ज्यादा
गैरसैंण के मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब दिखाई देती है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहनों को नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लगातार बारिश के चलते गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में वाहनों के पहिए गड्ढों में फंसने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
बारिश के बाद कई स्थानों पर आ रहा मलबा
अत्यधिक बारिश के कारण मार्ग के कई हिस्सों में मलबा आने से भी यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क पर मलबा और गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ रहा है।
संकरी सड़क पर बड़े वाहनों को पास देने में परेशानी
मार्ग के कई हिस्से सिंगल लेन और संकरे हैं। ऐसे में जब बस, ट्रक या अन्य बड़े वाहन आमने-सामने आ जाते हैं तो उन्हें पास देना मुश्किल हो जाता है। कई बार किसी एक वाहन को पीछे की ओर बैक करना पड़ता है, जो पहाड़ी मार्ग पर जोखिमपूर्ण स्थिति पैदा कर सकता है।
आपातकालीन सेवाओं और पर्यटन पर भी असर
इस मार्ग की बदहाल स्थिति का असर स्थानीय आवागमन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर भी पड़ रहा है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैरसैंण की बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका और मार्ग पर बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क की स्थिति में सुधार किया जाना जरूरी है।
चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त सड़क की मांग
स्थानीय लोगों ने बढ़ते यातायात को देखते हुए NH-109 के चौड़ीकरण और गड्ढामुक्त किए जाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की नियमित मरम्मत, मलबा हटाने और संकरे हिस्सों में आवश्यक सुधार से यात्रियों को राहत मिल सकती है।
रिपोर्ट: पूजा बरमोला
