चमोली: इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में जिले का शत-प्रतिशत नामांकन—520 विद्यालयों के 2518 विद्यार्थियों ने किए विचार अपलोड

गोपेश्वर। विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में जनपद चमोली ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से विद्यालयी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संचालित इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत जिले के सभी पात्र विद्यालयों ने शत-प्रतिशत नामांकन कराया है। निर्धारित अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 तक जिले के 520 विद्यालयों के 2518 छात्र-छात्राओं के नवाचारी विचार इंस्पायर पोर्टल पर अपलोड किए गए।

सभी पात्र विद्यालयों ने समय सीमा में कराया नामांकन

जिला समन्वयक इंस्पायर अवार्ड मानक चमोली गंभीर सिंह असवाल ने बताया कि यू-डाइस में पंजीकृत राजकीय, अशासकीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों के नवाचारी आइडिया प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन पूरा किया, जिसके चलते चमोली ने राज्य में शत-प्रतिशत नामांकन की उपलब्धि हासिल की है।

वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देना उद्देश्य

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी अपने आसपास की सामाजिक एवं दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए अभिनव विचार प्रस्तुत करते हैं।

विद्यालय स्तर पर चयनित विचारों को इंस्पायर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भेजा जाता है।

चयनित विद्यार्थियों को मिलती है 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

नामांकन के बाद नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट नवाचारी विचारों का चयन किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को अपने विचार को मॉडल अथवा प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए भारत सरकार की ओर से 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

उत्कृष्ट नवाचारों को आगे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिताओं में प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलता है।

स्थानीय समस्याओं के समाधान पर जोर

जिला समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने कहा कि इंस्पायर अवार्ड मानक विद्यार्थियों को केवल समस्या की पहचान करने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें उसके वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों और रोजमर्रा की समस्याओं पर आधारित विद्यार्थियों के छोटे-छोटे नवाचार भविष्य में समाज के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान का रूप ले सकते हैं।

शिक्षा अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं

जनपद में शत-प्रतिशत नामांकन की उपलब्धि पर मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत ने जिला समन्वयक, ब्लॉक समन्वयकों, संस्थाध्यक्षों और सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और वैज्ञानिक सोच के लिए निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।


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