चमोली में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जनपद विज्ञान महोत्सव का भव्य आयोजन, 327 बाल वैज्ञानिकों ने किया प्रतिभाग

चमोली। जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल के नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जनपद विज्ञान महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महोत्सव में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 327 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली एवं डायट प्राचार्य आकाश सारस्वत, नगर पालिका सभासद पूनम रावत, जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल, प्रधानाचार्य डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा, खड़क सिंह बिष्ट, डॉ. जगदीश कंडवाल और राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम के समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने बताया कि विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना इस पहल का अहम उद्देश्य है।

विज्ञान और तकनीक के जरिए समस्याओं के समाधान पर जोर

महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की उपयोगिता से परिचित कराना तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। इसके अंतर्गत बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी और विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया।

प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से चयनित प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 327 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। जनपदीय प्रतियोगिता में चयनित प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले बाल वैज्ञानिक राज्य विज्ञान महोत्सव में प्रतिभाग करेंगे।

वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर दिया गया बल

प्रधानाचार्य डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा ने अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली आकाश सारस्वत ने कहा कि विज्ञान महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, तर्क करने, प्रयोग करने, अवलोकन करने और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के पारस्परिक संबंधों, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और समाज के विकास में विज्ञान की भूमिका के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी बाल वैज्ञानिकों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

‘सतत एवं विकसित भारत’ रहा प्रदर्शनी का मुख्य विषय

बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ रखा गया। इसके अंतर्गत सात उपविषयों पर जूनियर वर्ग (कक्षा 6 से 8) और सीनियर वर्ग (कक्षा 9 से 12) के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

महोत्सव ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया।


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