नैनीताल/भीमताल। स्वतंत्रता दिवस एवं महर्षि अरविंद जी की जयंती के पावन अवसर पर दिव्य प्रेम सेवा मिशन भीमताल इकाई द्वारा आज भीमताल में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड मिशन के संयोजक एवं मिशन के ट्रस्टी दिनेश सांगुड़ी के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय दास एवं पूर्णिमा दास उपस्थित रहे और संजय दास द्वारा देशभक्ति के गीत भी गाए गए। इस अवसर पर दिनेश सांगुड़ी ने उपस्थित मिशन के कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों को दिव्य प्रेम सेवा मिशन की कार्यशैली, उद्देश्य एवं सामाजिक सेवा के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने मिशन के संस्थापक परम श्रद्धेय डॉ. आशीष गौतम के जीवन, उनके विचारों एवं समाज सेवा के प्रति समर्पण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार कुष्ठरोगियों, जरूरतमंदों एवं वंचित वर्ग की सेवा के संकल्प से मिशन की स्थापना हुई और आज यह सेवा कार्य निरंतर समाज कल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि विगत तीन दशकों से दिव्य प्रेम सेवा मिशन सेवा, संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समाज के जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। मिशन की सेवा भावना और कार्यपद्धति को विस्तार से कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों के समक्ष रखते हुए उन्होंने सभी से सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देते हुए विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण, सेवा एवं समाज कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कमल जोशी, मीनाक्षी भगत जोशी, युवा शक्ति से पारस चंद्र, सभासद प्रकाश कनौजिया, सभासद योगेश तिवारी, सभासद बबिता सांगुड़ी, राजेश सांगुड़ी, हर्षल कनौजिया, मोना पांडे, महेश चंद्र, राकेश आर्य, गोविंद रावत, मुस्कान दानी, दीपिका सांगुड़ी, देव आर्यन, नीरज कुमार, हिमांशु पांडे, पुष्कर लमगड़िया, नीरज पांडे, कुलदीप बोरा, यक्षित जोशी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के पश्चात एक परिचय बैठक हुई। उस बैठक में आगामी अक्टूबर माह में गाजियाबाद के सन सिटी में आयोजित होने जा रहे ‘जाणता राजा’ – छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज्य की गाथा पर आधारित विश्व का सबसे प्रसिद्ध और भव्य ऐतिहासिक महानाट्य (नाटक) के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम की जानकारी उपस्थित लोगों को दी गई तथा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सभी को आमंत्रित किया गया। साथ ही अधिक से अधिक संख्या में लोगों से कार्यक्रम में जुड़ने का आह्वान किया गया।
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