कर्णप्रयाग (चमोली)। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव और मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर कर्णप्रयाग पुलिस ने रामेश्वरी सरस्वती शिशु मंदिर/विद्या मंदिर, सिमली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने के तरीके भी समझाए गए।
फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, नकली वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के बारे में बताया। उन्हें समझाया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या निजी जानकारी साझा न करें।
पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी। बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी साइबर ठगी का कारण बन सकती है, इसलिए ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
मोबाइल की लत से बचने और समय का सही इस्तेमाल करने पर जोर
पुलिस ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक किया। उन्हें मोबाइल का उपयोग जरूरत के अनुसार और सीमित समय तक करने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के अलावा खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और अन्य सकारात्मक कार्यों के लिए समय निकालने के लिए प्रेरित किया गया।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में बरतें सावधानी
कार्यक्रम में सोशल मीडिया पर फोटो, फोन नंबर, पता और अन्य निजी जानकारियां साझा करते समय सतर्क रहने की बात कही गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी अपने अभिभावकों या शिक्षकों को देने के लिए प्रेरित किया।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
चमोली पुलिस ने अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत दर्ज कराने से मामले में आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
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