कर्णप्रयाग/पोखरी। साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के तहत कर्णप्रयाग पुलिस और पोखरी पुलिस की ओर से युवाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कर्णप्रयाग स्थित यूथ फिजिकल एकेडमी तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), पोखरी में पुलिस टीम ने सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं और तकनीकी प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया।
पुलिस टीम ने युवाओं को डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और छोटी-सी लापरवाही से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचने के उपाय बताए।
फर्जी नौकरी से लेकर UPI फ्रॉड तक के तरीकों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने बताया कि साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसा रहे हैं। इनमें फर्जी नौकरी, लोन और लॉटरी का झांसा, फर्जी कस्टमर केयर, UPI फ्रॉड, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, Bulk SMS, संदिग्ध लिंक और APK फाइल शामिल हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर फर्जी Facebook, Instagram और X ID के जरिए भी ठगी किए जाने की जानकारी युवाओं को दी गई।
पुलिस ने युवाओं को सलाह दी कि जल्द पैसा कमाने या नौकरी दिलाने के नाम पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करने की अपील
पुलिस टीम ने विशेष रूप से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी भी APK फाइल को डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी। युवाओं से कहा गया कि वे OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतने तथा किसी अनजान प्रोफाइल से आए मैसेज या ऑफर की सत्यता जांचे बिना कोई लेन-देन नहीं करने के लिए कहा गया।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने युवाओं को बताया कि साइबर ठगी की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर कॉल करना चाहिए, ताकि ठगी की रकम को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साथ ही साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए GRM पोर्टल के संबंध में भी युवाओं को जानकारी दी गई।
रिपोर्ट: प्रदीप चौहान
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