श्रीनगर/देहरादून। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का भव्य समापन विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में हुआ। अंतिम दिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। पिछले दो दिनों में भी विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, कौशल और उत्साह का प्रदर्शन किया, जबकि तीसरे दिन आयोजित रंगारंग कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
11 विशिष्ट लोगों को मिला ‘सैर सलीका पुरस्कार’
पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदार पर्यटन के लिए विशेष योगदान देने वाले 11 विशिष्ट लोगों को कार्यक्रम में ‘सैर सलीका पुरस्कार’ प्रदान किए गए।
पुरस्कार पाने वालों में शैलेंद्र रावत (खोली होम स्टे, देहरादून), चांदनी अरोड़ा (साइकिल सखी), कीर्ति नवानी (विंसर पब्लिकेशन), उत्तराखंड टूरिज्म एसोसिएशन, उत्तरांश, चित्रकार मुकुल बडोनी, धन सिंह ‘पेड़ वाले गुरुजी’, संदीप गुसाईं और अनुज (प्रथम संवेदना से सेवा तक) शामिल रहे। स्रोत में 11 पुरस्कारों का उल्लेख है, जबकि नाम/संस्थाओं की सूची में नौ प्रविष्टियां स्पष्ट रूप से दी गई हैं।
युवाओं को रचनात्मक और उद्देश्यपूर्ण जीवन का संदेश
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के पहले लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से रचनात्मक एवं उद्देश्यपूर्ण लक्ष्य निर्धारित कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रकृति, संस्कृति और संस्कारों से अपनी प्रवृत्ति को निखारते हुए ऊर्जा को सदैव रचनात्मकता से जोड़ना चाहिए। उन्होंने व्यक्तित्व विकास में कार्यशैली और दिनचर्या के समन्वय को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रतिभागियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
तीन दिनों के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के चयनित प्रतिभागियों ने अंतिम दिन मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। रंगारंग कार्यक्रमों ने पूरे प्रेक्षागृह में उत्साह का माहौल बना दिया।
कार्यक्रम में केंद्र के निदेशक प्रोफेसर राकेश ड्योढ़ी, पर्यटन प्रबंधन की डीन प्रोफेसर रश्मि ड्योढ़ी, विश्वविद्यालय के नियुक्ति डीन प्रोफेसर मोहन पंवार, वित्त अधिकारी डॉ. अजय मोहंती, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी एवं छात्रसंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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