भिक्कावाला। श्री राधारानी के प्राकट्य दिवस राधाष्टमी के पावन अवसर पर श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट की ओर से हरिवंश शरणम्, गोकुल मार्ग, भिक्कावाला में विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण राधा-कृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक राधारानी का स्मरण और पूजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री राधारानी एवं श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन और मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके पश्चात पंडित (डा.) डी. पी. हरिवंशी ने राधाष्टमी के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व पर विस्तारपूर्वक कथा सुनाई।
राधारानी के स्वरूप और महिमा का किया वर्णन
कथा के दौरान पंडित (डा.) डी. पी. हरिवंशी ने कहा कि राधारानी केवल भक्ति का स्वरूप ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की ह्लादिनी शक्ति और प्रेम की पराकाष्ठा के रूप में पूजनीय हैं। उन्होंने राधा नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्री राधारानी की भक्ति मनुष्य के जीवन में प्रेम, करुणा, समर्पण और आध्यात्मिक शांति का भाव उत्पन्न करती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को राधाष्टमी पर्व की धार्मिक मान्यता से अवगत कराया और श्री राधारानी के प्राकट्य से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु एकाग्र होकर धार्मिक प्रसंगों को सुनते रहे।
वृंदावन धाम की आध्यात्मिक महिमा का भावपूर्ण वर्णन
पंडित (डा.) डी. पी. हरिवंशी ने कथा के दौरान वृंदावन धाम की महिमा का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने वृंदावन को श्री राधा-कृष्ण की प्रेम और भक्ति परंपरा से जुड़ा पावन धाम बताते हुए वहां की कुंज गलियों, यमुना तट, निकुंज परंपरा तथा राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़े विभिन्न आध्यात्मिक प्रसंग श्रद्धालुओं के समक्ष रखे।
उन्होंने कहा कि वृंदावन की विशेषता केवल वहां स्थित मंदिरों में ही नहीं, बल्कि वहां की राधा-कृष्ण भक्ति, संकीर्तन और साधना की परंपरा में भी दिखाई देती है। वृंदावन की भक्ति परंपरा और राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
कथा के बीच पंडित (डा.) डी. पी. हरिवंशी ने राधा-कृष्ण की भक्ति से जुड़े भजन एवं भक्तिमय पद प्रस्तुत किए। भजनों के दौरान श्रद्धालुओं ने भी राधा नाम का संकीर्तन किया।
हरिवंश शरणम् का वातावरण “राधे-राधे” और “राधारानी की जय” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और राधारानी के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।
श्रीमती कमला देवी रहीं मुख्य आयोजक
राधाष्टमी के इस विशेष धार्मिक आयोजन की मुख्य आयोजक श्रीमती कमला देवी रहीं। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए राधाष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
श्रीमती कमला देवी ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में भक्ति, संस्कार, सेवा और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि श्री राधारानी की भक्ति प्रेम, करुणा और समर्पण का संदेश देती है तथा ऐसे आयोजन लोगों को अपनी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा ट्रस्ट
श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट द्वारा सामाजिक सेवा के साथ-साथ धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर धार्मिक आयोजन, भक्ति कार्यक्रम, स्वास्थ्य सेवा, जरूरतमंदों की सहायता एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ट्रस्ट का उद्देश्य सेवा कार्यों के साथ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
राधाष्टमी कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से श्री राधारानी एवं श्रीकृष्ण का स्मरण किया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन राधे-राधे के जयघोष के साथ हुआ। हरिवंश शरणम् का वातावरण देर तक राधा-कृष्ण की भक्ति में सराबोर रहा।
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