नैनीताल। जनपद नैनीताल के ज्योलीकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद दूषित पानी से फैल रही बीमारियों के मामले का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मामले में सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बताया गया कि दूषित पानी से फैल रही बीमारियों के चलते दो लोगों की मौत भी हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
टेस्टिंग लैब को लेकर जल्द निर्णय के निर्देश
न्यायालय ने कुमाऊं क्षेत्र के लिए प्रस्तावित टेस्टिंग लैब के संबंध में संबंधित सचिव को जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
अधिकारियों से ली गई जानकारी
वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सीएमओ रश्मि पंत, जल संस्थान के एसई विशाल कुमार, जल निगम के एसई अनीश कुमार और चीफ इंजीनियर आलोक न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए।
खंडपीठ ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में दूषित पानी से उत्पन्न स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाओं और पेयजल व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
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