रानीखेत : इंसान की गलतियों का खामियाजा जानवरों को भुगतना पड़ता है। अल्मोड़ा जिले के रानीखेत के खनियां गाँव का मामला है… यहाँ पर एक सियार (गीदड़) JACKAL का मुंह डिब्बे के अंदर फंस गया। डिब्बे को कुछ युवाओं ने बाहर निकाला। दरअसल शाम के वक्त ललित अकादमी के युवा दौड़ लगा रहे थे, संचालक ललित बिष्ट के मुताबिक, एक सियार पर उनकी नज़र पड़ी, जिसका मुंह डिब्बे में फंसा हुआ था। डिब्बा प्लास्टिक का था। सियार काफी परेशान था… और चिल्ला रहा था… इधर-उधर गिर पड़ रहा था। युवाओं ने सियार को पकड़ा और डिब्बा हटाया। डिब्बा हटाते ही सियार ने जंगल की तरफ दौड़ लगा दी। स्थानीय लोगों ने युवाओं की इस मदद की तारीफ की है। वहीं लोग चर्चा करते रहे कि इंसान की गलतियों का खामियाजा बेजुबान जानवरों को भुगतना पड़ता है। यह उसका जीता-जागता उदाहरण है। इंसान ने प्लास्टिक का डिब्बा जंगल में या फिर सड़क किनारे फेंका, सियार ने उसमें मुंह डाला और फंस गया। ऐसे में नज़र नहीं पड़ती तो सियार की जान भी जा सकती थी। रेस्क्यू करते हुए वीडियो कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रहा है।
सियार –
सियार (Jackal), जिसे आमतौर पर गीदड़ या शृंगाल भी कहा जाता है, कुत्ते के परिवार का एक मध्यम आकार का जंगली मांसाहारी और सर्वाहारी जीव है। यह अपनी चालाकी, रात में अजीब आवाज़ें निकालने (हवा में मुंह उठाकर चिल्लाने) और भोजन की तलाश में हमेशा सतर्क रहने के लिए जाना जाता है।
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