चमोली: विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच पहुंचे डीजीपी

विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने हेतु आज पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ महोदय ने ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर, अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों व कर्मचारियों से सीधा संवाद किया।

विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कर्तव्य निभा रहे पुलिस जवानों से पुलिस महानिदेशक ने उनकी चुनौतियों, ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों तथा व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन जैसी स्थितियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था और अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसके बावजूद यहां तैनात पुलिसकर्मी पूरी तत्परता, अनुशासन और प्रशिक्षण के साथ हर परिस्थिति का डटकर सामना करते हैं, जो सराहनीय है।

जब भी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित होता है, तब प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पुलिस बल यहां ड्यूटी के लिए आता है। ऐसे अवसर पुलिस मुख्यालय के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इससे पुलिसकर्मियों से वन-टू-वन संवाद कर उनके रहने, खाने-पीने की सुविधाओं, ड्यूटी की व्यवस्थाओं तथा व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में सीधे जानकारी मिलती है।

जवानों से ड्यूटी, रहने-खाने की व्यवस्था और फील्ड डिप्लॉयमेंट को लेकर महत्वपूर्ण फीडबैक लिया गया। डीजीपी महोदय ने कहा कि यह एक बेहतर अवसर है जब ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे पुलिसकर्मियों से सीधे सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, जिससे भविष्य की कार्ययोजनाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कई बार पुलिसकर्मियों की निजी, पारिवारिक या पोस्टिंग से जुड़ी समस्याएं पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं, लेकिन इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से उन मुद्दों को समझने और समाधान की दिशा में कदम उठाने का अवसर मिलता है।

संवाद के दौरान जवानों ने अपनी निजी, पारिवारिक, स्वास्थ्य संबंधी और पोस्टिंग से संबंधित समस्याओं को महानिदेशक के सम्मुख रखा। डीजीपी महोदय ने आश्वासन दिया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जवानों से यह भी जाना कि वे किन-किन क्षेत्रों में दक्ष हैं और भविष्य में अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कौन-कौन से विशेष प्रशिक्षण या कोर्स करना चाहते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी क्षमताओं को और निखारने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर ऐसे सुझावों और प्रशिक्षण आवश्यकताओं पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


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