देहरादून, 16 अक्टूबर।सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद करने और उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित सड़क सुरक्षा एवं आपातकालीन उपचार संगोष्ठी में बताया गया कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नेक राहगीर को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जा सकता है। वहीं, पीएम राहत योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का प्रावधान बताया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री खजान दास और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
घायलों की मदद के लिए आगे आएं लोग: खजान दास
कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद के लिए प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम राहत और नेक राहगीर यानी राह-वीर योजना के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सके।
उन्होंने इन योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।
समय पर अस्पताल पहुंचाना सच्ची मानव सेवा: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति किसी परिवार की उम्मीद होता है। ऐसे में उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना सच्ची मानव सेवा है।
उन्होंने ई-डीएआर और टीएमएस पोर्टल को सरल बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि दुर्घटनाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाया जा सके।
क्या हैं पीएम राहत और राह-वीर योजनाएं?
संगोष्ठी में योजनाओं के तहत मिलने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहन की जानकारी दी गई।
- पीएम राहत योजना: सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा।
- राह-वीर योजना: दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर के दौरान अस्पताल पहुंचाने वाले नेक राहगीर को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार।
- राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान: वर्ष के सर्वश्रेष्ठ राह-वीर को एक लाख रुपये, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र दिए जाने का प्रावधान बताया गया।
- सहायता और जानकारी: आपात स्थिति में 112 नंबर तथा ई-डीएआर और टीएमएस 2.0 पोर्टल के माध्यम से संबंधित सहायता ली जा सकती है।
हर साल लाखों सड़क हादसे, युवाओं की संख्या अधिक
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि देश में हर साल लगभग 5.13 लाख सड़क हादसे होते हैं। इनमें करीब 1.83 लाख लोगों की मौत होती है, जबकि 4.6 लाख लोग घायल होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क हादसों में हर घंटे औसतन 21 लोगों की जान जाती है। दुर्घटनाओं में 18 से 34 वर्ष की आयु के युवाओं की संख्या अधिक बताई गई।
संगोष्ठी में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डीजी परिवहन अनिल गर्ग्याल, निदेशक शिक्षा खड़क सिंह दत्ताल, ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर राजीव मेहरा, एडीएम स्मृता परमार, सीएमओ डॉ. मुकेश शर्मा और आरटीओ अनिता चमोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संवाददाता: जसपाल राणा
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