हल्द्वानी। नगर की ऐतिहासिक प्राचीन श्री रामलीला संचालन समिति, हल्द्वानी की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव में दिन और रात्रि की लीला के दौरान रामायण के मार्मिक प्रसंगों का मंचन किया गया। दिन की लीला में सूर्पणखा-रावण संवाद, मारीच-रावण संवाद, सीता हरण, जटायु उद्धार और सीता खोज के प्रसंग प्रस्तुत किए जाने हैं, जबकि रात्रि की लीला में राज्याभिषेक की घोषणा, दशरथ-कैकई संवाद और भगवान श्रीराम के वनगमन का भावपूर्ण मंचन किया गया।
दिन की लीला में सीता हरण और जटायु उद्धार के प्रसंग
दिन की लीला के निर्धारित प्रसंगों में सूर्पणखा द्वारा रावण को उकसाना, रावण का मारीच को स्वर्ण मृग बनने के लिए विवश करना और मारीच के छल के माध्यम से माता सीता को भ्रमित करना शामिल है। इसके बाद रावण द्वारा सीता हरण तथा जटायु का सीता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाना और भगवान श्रीराम द्वारा जटायु का उद्धार करने जैसे भावुक प्रसंगों का मंचन किया जाना है।
इस अवसर पर आलोक शारदा, मनोहर केसरवानी, प्रदीप बिष्ट, हरिमोहन अरोरा, योगेश जोशी, आनंद बल्लभ भाकुनी, सतेंद्र शम्मी, त्रिलोक बनौली और ललित जोशी ने व्यास पूजन किया।
रात्रि की लीला में दशरथ-कैकई संवाद और राम वनगमन
रात्रि में वृंदावन के बृजेश्वरी लीला मंडल की ओर से राज्याभिषेक की घोषणा, दशरथ-कैकई संवाद और राम वनगमन की लीला का मंचन किया गया।
प्रस्तुति में राजा दशरथ द्वारा भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा, कैकई का कोप भवन में जाना और वरदान मांगना जैसे प्रसंग दिखाए गए। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान श्रीराम के वन जाने के निर्णय ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
समिति ने नगरवासियों से की सपरिवार पहुंचने की अपील
समिति के पदाधिकारियों एनबी गुणवंत, प्रेम गुप्ता, विवेक कश्यप, भवानी शंकर नीरज, अतुल अग्रवाल और हरीश आर्य ने नगरवासियों, मातृशक्ति और रामभक्तों से रामलीला में सपरिवार पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।
रामलीला के आयोजन में महेश राजा, जितेंद्र देवल, तनिष्क सोनकर, सचिन जायसवाल, सूर्यांश गुप्ता, तनिष्क सनवाल, महेंद्र बोरा, रितेश जोशी, सुशील साहू, हितेश शर्मा और सुशील शर्मा सहित अन्य लोगों ने सेवा दी।
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