देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच पारिवारिक विवाद अब पुलिस जांच और फॉरेंसिक परीक्षण के दायरे में है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, मामले से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है और उसे परीक्षण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जाएगा।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मंत्री रेखा आर्या की शिकायत पर देहरादून की कैंट कोतवाली में मुकदमा संख्या 158/2026 दर्ज किया गया है। मामले में उनके पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी अधिनियम के तहत आरोप दर्ज हैं। प्रकरण की जांच SIT कर रही है।
अस्पताल पहुंचकर SIT ने दर्ज किए बयान
मिली जानकारी के अनुसार, SIT की टीम उस निजी अस्पताल पहुंची, जहां रेखा आर्या भर्ती हैं। टीम ने अस्पताल में उनके बयान दर्ज किए और शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में जानकारी ली।
शिकायत में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, दूसरी शादी छिपाने, दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी, दस्तावेजों में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसे आरोप शामिल हैं। इसके साथ ही एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
समाचार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंत्री ने यह भी आरोप लगाया है कि उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इन आरोपों पर पुलिस जांच जारी है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग FSL भेजेगी पुलिस
मामले में ऑडियो रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। रेखा आर्या ने अस्पताल से जारी अपने बयान में रिकॉर्डिंग को असली बताया था और उसमें AI के जरिए छेड़छाड़ किए जाने की आशंका से इनकार किया था।
पुलिस के अनुसार, SIT ने संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग को विधिवत अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। अब इसे फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा। वहां रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उसमें संभावित एडिटिंग और आवाज की पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गिरधारी लाल साहू ने भी लगाए आरोप
दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू साहू ने भी रेखा आर्या के खिलाफ आरोप लगाए हैं। उनके दावे के मुताबिक, रेखा आर्या की संपत्ति और कथित 210 करोड़ रुपये के कारोबार की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मंत्री की ओर से जारी वीडियो और ऑडियो को AI से बनाया गया होने का दावा भी किया है।
साहू ने मंत्री से मुकदमा वापस लेने की अपील की है। उन्होंने अपने बयान में बाबा बनखंडी नाथ का उल्लेख करते हुए बदला लेने की चेतावनी भी दी। उनके इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। पुलिस जांच के दौरान इन दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी।
संपत्ति और अन्य दस्तावेजों की भी हो सकती है जांच
मंत्री रेखा आर्या ने अपने बयान में कहा है कि वर्ष 2003 से लेकर 2022 तक के उनके नामांकन संबंधी दस्तावेजों, आय और संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है और वह जांच के लिए तैयार हैं।
प्रकरण में SIT दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। ऑडियो रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल आगे की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
मामले को लेकर उत्तराखंड के राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री की शिकायत और उनके पति की ओर से लगाए गए जवाबी आरोपों के बीच जांच की निष्पक्षता और साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल पुलिस की ओर से ऑडियो रिकॉर्डिंग को FSL भेजने और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। अब मामले में SIT की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
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