मानव तस्करी रोकथाम को लेकर पंतनगर में राज्य स्तरीय सम्मेलन, 200 अधिकारी लेंगे भाग

पंतनगर/ऊधमसिंहनगर। मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के सुरक्षित रेस्क्यू, पुनर्वास और कानूनी अभियोजन को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस की ओर से 9 अक्टूबर 2026 को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बलों, संबंधित विभागों, न्यायिक व्यवस्था, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सम्मेलन का उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखंड वी. मुरूगेशन करेंगे। इससे पहले 8 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती ने आयोजन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

करीब 200 अधिकारी और विशेषज्ञ होंगे शामिल

मानव तस्करी के अंतरराज्यीय एवं सीमावर्ती आयामों को देखते हुए सम्मेलन में विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इसमें करीब 200 अधिकारी और विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे।

ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून और हरिद्वार सहित आठ जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के नोडल अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, प्रभारी निरीक्षक और पुलिसकर्मी भी प्रतिभाग करेंगे।

भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने पर भी मंथन

सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

बाल संरक्षण एवं कल्याण तंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न जनपदों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO), बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य और परिवीक्षा अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और अभियोजन को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ लोक अभियोजक भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

मानव तस्करी के पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और समाजसेवियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है।

कानूनी प्रावधान और आधुनिक जांच तकनीकों पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें मानव तस्करी से जुड़े कानूनी प्रावधान, आधुनिक अन्वेषण एवं विवेचना तकनीक तथा पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास में पुलिस, एनजीओ एवं नागरिक समाज की भूमिका पर चर्चा होगी।

पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

सम्मेलन का उद्देश्य उत्तराखंड में मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। इसके साथ ही पीड़ितों के बचाव, संरक्षण और पुनर्वास के लिए पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी एवं सुरक्षा तंत्र को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और प्राप्त सुझावों के आधार पर मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।


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