गोपेश्वर के पाडुली गांव में गुलदार के हमले से दहशत—महिलाओं पर हमले की घटना ने बढ़ाई चिंता

गोपेश्वर। नगर पालिका क्षेत्र के पाडुली गांव के गरथा तोक में महिलाओं पर गुलदार के हमले की घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती सक्रियता के कारण लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के लिए महिलाएं अब अकेले जंगल जाने के बजाय समूह में घास लेने जाती हैं, इसके बावजूद हमले की घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।

समूह में जंगल जाने के बावजूद बढ़ा खतरा

ग्रामीणों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाओं को प्रतिदिन पशुओं के लिए चारा-पत्ती और घास लेने जंगल जाना पड़ता है। गुलदार की लगातार बढ़ती सक्रियता के कारण यह रोजमर्रा का काम अब जोखिम भरा होता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि महिलाएं सुरक्षा के मद्देनजर समूह बनाकर जंगल जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद गुलदार द्वारा उन्हें निशाना बनाया जाना वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को दर्शाता है।

शाम ढलते ही गांव में बना रहता है गुलदार का डर

घटना के बाद पाडुली गांव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही गांव और आसपास के इलाकों में गुलदार की मौजूदगी को लेकर डर बना रहता है। इससे ग्रामीणों की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने की मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है। उनका कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

ग्रामीणों ने जंगल जाने वाले रास्तों के साथ-साथ गांव के आसपास भी वन विभाग की गश्त बढ़ाने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


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