दशहरे पर हल्द्वानी में दो देशों का अनूठा मिलन, थाईलैंड की मोराया और बागेश्वर के नवीन बने एक

हल्द्वानी। दशहरे के पावन अवसर पर हल्द्वानी में दो देशों और दो संस्कृतियों का अनूठा मिलन देखने को मिला। थाईलैंड की मोराया और बागेश्वर जिले के नवीन परिहार विवाह के बंधन में बंध गए। हल्द्वानी के देवलचौड़ में नवीन की बहन के घर पर पारंपरिक कुमाऊंनी रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह संपन्न हुआ। अलग-अलग भाषा, संस्कृति, खानपान और पहनावे के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुनकर अपने रिश्ते की नई शुरुआत की।

पिछौड़ा और पारंपरिक मुकुट में नजर आए दूल्हा-दुल्हन

इस विवाह की खास बात यह रही कि विदेशी दुल्हन मोराया कुमाऊंनी रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधीं। शादी में पारंपरिक पिछौड़ा और वर-वधू के सिर पर पारंपरिक मुकुट ने समारोह को खास बना दिया। कुमाऊंनी पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की रस्में पूरी की गईं।

विवाह समारोह में मोराया की ओर से उनके भाई और भाभी शामिल हुए। उन्होंने कन्यादान की रस्म निभाई। वहीं, नवीन के रिश्तेदारों के बीच भी इस अनूठे विवाह को लेकर उत्साह देखने को मिला। रिश्तेदार कुमाऊंनी बोली में इस अंतरराष्ट्रीय विवाह की चर्चा करते नजर आए।

दुबई में हुई मुलाकात, दोस्ती प्यार में बदली

नवीन परिहार और मोराया की मुलाकात दुबई में हुई थी। दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया और अब विवाह के बंधन में बंधकर अपने नए सफर की शुरुआत की है।

दोनों की भाषा और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग होने के बावजूद उनके रिश्ते ने परिवारों को एक साथ जोड़ा। दशहरे के दिन हुए इस विवाह ने समारोह में शामिल लोगों के लिए इसे यादगार बना दिया।

बागेश्वर के उडल गांव के रहने वाले हैं नवीन

नवीन परिहार बागेश्वर जनपद के उडल गांव के निवासी हैं। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा बागेश्वर में पूरी की। इसके बाद होटल प्रबंधन का कोर्स करने के लिए हल्द्वानी आए। करीब तीन साल पहले नौकरी के सिलसिले में दुबई चले गए, जहां उनकी मुलाकात मोराया से हुई।

दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता अब विवाह तक पहुंच चुका है। नवीन और मोराया पति-पत्नी के रूप में अपने जीवन की नई शुरुआत कर चुके हैं।

 


? व्हाट्सऐप पर शेयर करें