देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा—4611 में से 2852 घोषणाएं पूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनके संबंध में समय से आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए। घोषणाओं के मर्ज अथवा अन्य विभागों को हस्तांतरण से जुड़े मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

4611 में से 2852 घोषणाएं पूरी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं 1759 घोषणाएं लंबित हैं, जबकि 447 घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जा चुका है।

लंबित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई गतिमान है। इनमें से 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 303 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं।

मुख्य सचिव की 11 अगस्त 2026 की समीक्षा के समय लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है।

उन्होंने विभागवार लंबित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित करने के निर्देश दिए।

विभागों के बीच समन्वय पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण घोषणाएं लंबित नहीं रहनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लंबित घोषणाओं को पूरा करें।

उन्होंने भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में विभागों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय पर विशेष ध्यान देने को कहा। जहां संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि समय की बचत हो और योजनाएं निर्धारित समय में पूरी की जा सकें।

उन्होंने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना के निर्देश

मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने को कहा। साथ ही ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।

विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से निर्धारित की जाए, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट और मल्टीस्टोरी पार्किंग पर कार्रवाई के निर्देश

मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आपसी समन्वय के साथ एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।

कोल्ड स्टोरेज के लिए उपयुक्त भूमि पर जोर

मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर इसका निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क या ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि उपलब्ध न होने की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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