बाढ़ और वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को लेकर उठाई चिंता, फन्दूवाला गांव के किसानों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखा

देहरादून।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता समर महंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के गांवों को सुसवा नदी की संभावित बाढ़ एवं बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने के बावजूद सुसवा नदी पर अब तक सुरक्षात्मक पुश्तों का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीणों और किसानों में चिंता का माहौल है।

फन्दूवाला गांव में बाढ़ का खतरा बरकरार

समर महंत ने बताया कि डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की दूधली ग्राम सभा के अंतर्गत आने वाले फन्दूवाला गांव में पिछले वर्ष सुसवा नदी में आई बाढ़ से किसानों की खड़ी फसलें और उपजाऊ कृषि भूमि बह गई थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी चेतावनी के बावजूद बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन पुश्तों के निर्माण को राजाजी नेशनल पार्क के अधिकार क्षेत्र का विषय बता रहा है, जबकि पार्क प्रशासन की ओर से भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक ने भी इस समस्या के समाधान में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई है।

मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की अपील

समर महंत ने कहा कि विभागों के बीच समन्वय के अभाव का खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर आपातकालीन आधार पर सुरक्षात्मक पुश्तों के निर्माण के निर्देश दिए जाएं, ताकि संभावित बाढ़ से जन-धन की हानि रोकी जा सके।

वन्यजीव संघर्ष भी बना चिंता का विषय

भाजपा नेता ने क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राजाजी नेशनल पार्क से लगे गांवों में जंगली हाथियों के आने से फसलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं बंदरों के झुंड किसानों की फसलें नष्ट कर रहे हैं और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं।

प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई

समर महंत ने कहा कि बाढ़ और वन्यजीवों के दोहरे संकट ने दूधली ग्राम सभा सहित आसपास के गांवों के लोगों की सुरक्षा और आजीविका को प्रभावित किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से विभागीय स्तर पर तत्काल समन्वय स्थापित कर राहत एवं सुरक्षा संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने का अनुरोध किया, ताकि संभावित नुकसान को समय रहते रोका जा सके।


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