बद्रीनाथ से आ रहा ट्रांस भारत का हेलीकॉप्टर हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका, राहत-बचाव अभियान शुरू

 

देहरादून। बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड आ रहे ट्रांस भारत कंपनी के सिविल हेलीकॉप्टर के हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका के बाद राज्य सरकार ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को युद्धस्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाने और सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। हेलीकॉप्टर और उसमें सवार यात्रियों का पता लगाने के लिए जमीनी एवं हवाई स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम और बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

हेलीकॉप्टर में 5 यात्री और 1 पायलट सवार होने की सूचना

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शुक्रवार को अपराह्न लगभग 2 बजे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली से सूचना मिली कि ट्रांस भारत कंपनी का एक सिविल हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर आ रहा था। हेलीकॉप्टर में पांच यात्री और एक पायलट सवार थे।

सूचना के अनुसार, सेना की सिग्नल सेंटर टीम ने संबंधित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से धुआं उठते हुए और उसे तेजी से नीचे की ओर जाते हुए देखा। इसके बाद जिला प्रशासन चमोली ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।

सेना और बचाव एजेंसियों की टीमें मौके के लिए रवाना

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। इसके अतिरिक्त सहस्त्रधारा से एसडीआरएफ की एक अन्य टीम भी भेजी गई है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के एक रेकी हेलीकॉप्टर और एक रिट्रीवर हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल की हवाई रेकी की जा रही है। जमीनी और हवाई दोनों माध्यमों से घटनास्थल तक पहुंचने तथा हेलीकॉप्टर और उसमें सवार लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री लगातार ले रहे अपडेट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से फोन पर घटना की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते हुए सभी संबंधित विभागों और बचाव एजेंसियों को पूरी तत्परता तथा आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगोली और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ भी घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से उन्हें राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी दी जा रही है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से अभियान की निगरानी

आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी और अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तथा राहत-बचाव अभियान की समीक्षा की।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से जिला प्रशासन चमोली, सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

एम्स ऋषिकेश और बेस अस्पताल श्रीनगर अलर्ट मोड पर

संभावित आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एम्स ऋषिकेश, बेस अस्पताल श्रीनगर और संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। चिकित्सा दलों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों को घटनास्थल तक पहुंचने, सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।


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