डोईवाला। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभा दुधली के अंतर्गत मोहम्मदपुर-बड़कली गांव में कथित अवैध खनन की शिकायत सामने आई है। समाजसेवी समर महंत ने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए मौके पर जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
समर महंत के अनुसार, विनोद महंत के निजी खेत के अलावा राजाजी नेशनल पार्क से होकर बहने वाली सुसवा नदी में भी कथित तौर पर खनन गतिविधियां जारी हैं। उनका दावा है कि जेसीबी/डोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से दिनदहाड़े खनन सामग्री निकाले जाने और ढोए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि खनन गतिविधियां बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही हैं तो प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।
नदी का रुख बदलने से जताई आपदा की आशंका
समर महंत ने आरोप लगाया कि लगातार और अनियंत्रित खनन से सुसवा नदी के प्राकृतिक प्रवाह और नदी तटों में बदलाव का खतरा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नदी का बहाव प्रभावित होकर गांवों की ओर मुड़ता है तो भविष्य में बाढ़, नदी कटाव या अन्य गंभीर प्राकृतिक आपदा का खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से नदी के प्रवाह, तटों और कथित खनन स्थलों का तकनीकी एवं वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने तथा संवेदनशील गांवों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
‘दिनदहाड़े खनन की जानकारी विभागों को क्यों नहीं?’
समर महंत ने सवाल उठाया कि यदि जेसीबी/डोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही दिनदहाड़े हो रही है तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की गंभीर लापरवाही, मिलीभगत या संरक्षण सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
मशीनरी और वाहनों के दस्तावेजों की जांच की मांग
समर महंत ने प्रशासन से घटनास्थल पर इस्तेमाल हो रही जेसीबी/डोजर, ट्रैक्टर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को चिन्हित कर उनके वाहन दस्तावेज, खनन अनुमति, रॉयल्टी और अन्य वैधानिक कागजात की जांच करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित मशीनरी और वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि जांच में संगठित रूप से अवैध खनन अथवा आपराधिक नेटवर्क की पुष्टि होती है तो लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
डोईवाला-मोथरोवाला मार्ग पर चेकिंग की मांग
समर महंत ने कहा कि डोईवाला-मोथरोवाला रोड पर खनन सामग्री ले जाने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और आवाजाही से सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से इस मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों के परमिट, रॉयल्टी, वाहन दस्तावेज और खनन सामग्री की वैधता की जांच करने की मांग की।
कई क्षेत्रों में व्यापक जांच की मांग
समर महंत ने नौका, कमरी, बड़कली, नागल, शिमलास और बुल्लावाला सहित सुसवा नदी से जुड़े आसपास के क्षेत्रों में भी खनन संबंधी शिकायतों की व्यापक जांच की मांग की।
उन्होंने संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बनाकर सुसवा नदी के प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने और नदी के प्रवाह, तटों, आसपास के गांवों तथा किसानों की भूमि पर कथित खनन के प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन कराने की मांग की।
प्रदेश में विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग
समर महंत ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग की। उन्होंने इसमें खनन, राजस्व, पुलिस, वन विभाग और प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव दिया।
उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में अवैध खनन वाले क्षेत्रों की पहचान कर नियमित संयुक्त छापेमारी की जाए, अवैध खनन में इस्तेमाल मशीनरी और वाहनों पर कार्रवाई हो तथा सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों की मिलीभगत पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा प्रभावित किसानों की भूमि को हुए नुकसान की जांच, नियमानुसार क्षतिपूर्ति, नदियों और नदी तटों को हुए पर्यावरणीय नुकसान का वैज्ञानिक आकलन तथा संवेदनशील गांवों को संभावित बाढ़ और नदी कटाव से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की गई।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
समर महंत ने कहा कि कथित अवैध खनन केवल खनिज की चोरी का मामला नहीं है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, किसानों की जमीन और आसपास के गांवों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से किसी संभावित दुर्घटना या आपदा से पहले कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित अवैध खनन की शिकायतों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वह जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
नोट: अवैध खनन से जुड़े आरोप समाजसेवी समर महंत की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की प्रशासनिक जांच/पुष्टि का विवरण इस विज्ञप्ति में नहीं दिया गया है।
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