देहरादून, 27 सितंबर 2026। रायपुर थाना क्षेत्र में महिला के कथित अपहरण प्रयास के मामले में दून पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल प्रियांशु को हरिद्वार के नवोदय नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय आरोपी हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र का रहने वाला है। मामले में एक युवती को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस की चार टीमें फरार आरोपियों की तलाश में हरिद्वार, टिहरी और देहरादून में दबिश दे रही हैं।
नाला पानी चौक पर महिला को कार में बैठाने का प्रयास
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6:50 बजे सुषमा शर्मा निवासी कैनन कुंज, सहस्रधारा रोड, नाला पानी चौक के पास मौजूद थीं। इसी दौरान काले रंग की स्विफ्ट कार में सवार 3-4 युवकों ने उन्हें जबरन कार में बैठाने का प्रयास किया।
महिला ने शोर मचाया तो आसपास से लोग मौके की ओर आने लगे। पुलिस के मुताबिक, लोगों को आता देखकर आरोपी महिला को छोड़कर कार से फरार हो गए।
घटना के संबंध में थाना रायपुर में मु.अ.सं. 394/26 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 126(2), 140(3), 61(2) और 62 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
मामले की जांच के लिए रायपुर थाना पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और शिकायतकर्ता से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस के अनुसार घटना के पीछे पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद सामने आया।
पहले चाहत उर्फ अन्नू हुई थी गिरफ्तार
पुलिस ने 26 सितंबर को मामले में चाहत उर्फ अन्नू को गिरफ्तार किया था। 19 वर्षीय अन्नू गोविंद विहार, डांडा लखौंड, थाना रायपुर की निवासी बताई गई है।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में अन्नू ने बताया कि उसने अपने साथी दीपक पासवान के साथ अठूरवाला, भानियावाला स्थित 11 गायों वाली एक डेयरी 7.50 लाख रुपये में ली थी। इसमें पांच लाख रुपये नकद और ढाई लाख रुपये का चेक देने की बात सामने आई। आरोपियों का दावा था कि उन्हें बताया गया था कि गायें प्रतिदिन करीब 150 लीटर दूध देती हैं, लेकिन बाद में दूध का उत्पादन कम मिलने से उन्हें नुकसान हुआ।
पुलिस के अनुसार डेयरी के लिए लिया गया पांच लाख रुपये का कर्ज ब्याज पर था और भुगतान को लेकर दबाव बढ़ रहा था। इसी बीच सुषमा से पैसे वापस मांगने को लेकर भी विवाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद सुषमा को डराने की योजना बनाई गई।
नवोदय नगर से प्रियांशु गिरफ्तार
पहली गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चार अलग-अलग टीमें गठित कर हरिद्वार, टिहरी और देहरादून में संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई।
पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले का आरोपी प्रियांशु हरिद्वार के नवोदय नगर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर रायपुर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसकी पहचान प्रियांशु पुत्र स्व. सुखपाल, निवासी अन्नकी रोशनाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार, मूल निवासी ग्राम नगला अहमद, थाना मंगलौर, हरिद्वार, उम्र 19 वर्ष के रूप में बताई है।
पूछताछ में महिला को डराने के लिए आने की बात कही
पुलिस के अनुसार पूछताछ में प्रियांशु ने बताया कि उसके दोस्त दीपक का सुषमा नाम की महिला से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी के मुताबिक, दीपक के कहने पर वह अपने अन्य साथियों आदित्य और लक्की उर्फ सुशांत के साथ महिला को डराने के लिए देहरादून आया था।
पुलिस के अनुसार प्रियांशु ने बताया कि उनका इरादा महिला का अपहरण करना नहीं, बल्कि उसे डराकर पैसे वापस लेने का था। घटना के दिन वे किराए की काले रंग की स्विफ्ट कार से पहुंचे थे। महिला को कार में बैठाने का प्रयास करने के दौरान उसके शोर मचाने और लोगों के पहुंचने पर सभी मौके से फरार हो गए।
तीन आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार मामले में कुल पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें चाहत उर्फ अन्नू और प्रियांशु को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं।
फरार आरोपियों की पहचान पुलिस ने इस प्रकार बताई है—
- दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
- सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोलाखाल, टिहरी गढ़वाल।
- आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
पुलिस के अनुसार दीपक को इस पूरे घटनाक्रम का कथित मुख्य योजनाकार बताया जा रहा है। हालांकि, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
एसएसपी देहरादून ने महिला अपराध से जुड़े मामले में फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। पुलिस की टीमें हरिद्वार, टिहरी और देहरादून में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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