पंचकूला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पंचकूला के ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित ‘नमो क्रिकेट लीग’ में प्रतिभाग कर युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वयं खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलने मैदान में उतरे। मुख्यमंत्री को अपने बीच क्रिकेट खेलता देख खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में भी उत्साह देखने को मिला।
खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अपना अलग आनंद है। खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि खेल हमें सिखाता है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम भावना, निरंतर प्रयास, अनुशासन और पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
नमो क्रिकेट लीग में देश के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
‘क्रिकेट को हां, नशे को ना’ का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों एवं युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपने साथियों एवं समाज के अन्य युवाओं को भी नशे की आदत से बचाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की ओर ले जाने का संकल्प है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि जीवन में कोई लत लगानी है तो खेल और फिटनेस की लगाएं और यदि कोई जुनून पालना है तो अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून पालें। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे के बजाय खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए।
खेल से अनुशासन और टीम भावना होती है मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना भी विकसित होती है। खेल के मैदान में खिलाड़ी जीत से विनम्रता और हार से सीख लेकर आगे बढ़ना सीखता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों ने युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज देश के गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।
हरियाणा की खेल प्रतिभाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।
मुख्यमंत्री ने खेलों के प्रति बदलती सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय कहा जाता था, ‘पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब’, लेकिन आज इस सोच में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अब खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं।
‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प
मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, जबकि खेल जीवन को सकारात्मक दिशा, अनुशासन और नई पहचान देता है।
उन्होंने कहा कि एक युवा नशे से बचेगा तो एक परिवार बचेगा, एक परिवार बचेगा तो समाज मजबूत होगा और मजबूत समाज से सशक्त राष्ट्र का निर्माण होगा।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों एवं युवाओं ने ‘नशे को ना, खेल को हां’ का सामूहिक संकल्प लिया।
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