हिमाचल के पश्मी गांव पहुंचे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज—छत्रधारी चालदा महासू महाराज के किए दर्शन, की पूजा-अर्चना

विकासनगर (देहरादून)। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र अंतर्गत पश्मी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने न्याय के देवता छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश एवं देश की सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।

जागड़ा मेले के दूसरे दिन पश्मी पहुंचे सतपाल महाराज

हनोल स्थित महासू देवता मंदिर में रविवार को पूजा-अर्चना के साथ दो दिवसीय पारंपरिक एवं धार्मिक जागड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला पर्व का शुभारंभ हुआ था। सोमवार को आयोजन के दूसरे दिन धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज हिमाचल प्रदेश के पश्मी गांव पहुंचे और छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दर्शन कर प्रार्थना की।

उन्होंने प्रार्थना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हमारा देश निरंतर आगे बढ़े तथा सामने आने वाली चुनौतियों और संकटों का सामना करते हुए देश में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहे।

जौनसार-बावर और ट्रांस-गिरी क्षेत्र के आराध्य हैं महासू महाराज

सतपाल महाराज ने कहा कि छत्रधारी चालदा महासू महाराज उत्तराखंड के जौनसार-बावर और हिमाचल प्रदेश के ट्रांस-गिरी क्षेत्र के लाखों लोगों के आराध्य एवं कुल देवता हैं। उन्हें न्याय का देवता माना जाता है और सदियों से हिमाचल, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश के परिवार उनकी पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

उन्होंने पश्मी में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। साथ ही हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने हनोल के लिए विशेष बस सेवा संचालित करने के आग्रह को स्वीकार किया और बसों की व्यवस्था की।

70 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद पश्मी पहुंचे महासू महाराज

छत्रधारी चालदा महासू महाराज की ऐतिहासिक प्रवास यात्रा उत्तराखंड के दसऊ गांव से शुरू हुई। टौंस नदी पार करने के बाद लगभग 70 किलोमीटर की छह दिवसीय पैदल यात्रा पूरी कर महाराज पश्मी पहुंचे।

पश्मी गांव में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित भव्य मंदिर में महाराज विधिवत विराजमान हुए हैं। परंपरा के अनुसार वे यहां एक वर्ष तक प्रवास करेंगे।

पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर विकसित करने पर जोर

सतपाल महाराज ने कहा कि महासू महाराज का पश्मी आगमन पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से विकसित कर रही है। इससे स्थानीय आस्था के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं से हुआ स्वागत

पश्मी मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने ढोल-दमाऊं तथा फूल-मालाओं के साथ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का स्वागत किया। उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर महासू मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

रिपोर्ट: सीमा चमोली


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