गरुड़, बागेश्वर। तहसील सभागार गरुड़ में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में क्षेत्रवासियों ने विभिन्न जनसमस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रशासन की ओर से तहसील दिवस से एक दिन पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। समाचार पत्रों के माध्यम से भी लोगों को कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी, ताकि वे अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें। इसके बावजूद तहसील दिवस में कुल पांच शिकायतें ही प्राप्त हुईं।
जल निगम से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक
तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों में जल निगम से संबंधित समस्याओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD), जल संस्थान सहित अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी परेशानियां अधिकारियों के समक्ष रखीं।
बिनातोली मोटर मार्ग के मुआवजे का मामला उठा
तहसील दिवस में बिनातोली मोटर मार्ग का मुआवजा नहीं मिलने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रभावित लोगों की ओर से लंबे समय से मुआवजे की मांग की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने समस्या रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
वहीं, क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि वन्यजीवों के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
अस्पताल और जन्म प्रमाण पत्र की समस्या भी सामने आई
तहसील दिवस में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी गई। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही जटिलताओं का मुद्दा अधिवक्ता गिरीश कोरंगा ने उठाया। उन्होंने संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों ने तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही न बरती जाए तथा सभी मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम में तहसीलदार निशा रानी और उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल की देखरेख में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी गईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शिकायतों को दर्ज करते हुए समाधान की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया।
कम शिकायतों को सकारात्मक संकेत मान रहा प्रशासन
तहसील दिवस में केवल पांच शिकायतें मिलने को प्रशासन सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है। माना जा रहा है कि गरुड़ तहसील क्षेत्र में जनसमस्याओं से संबंधित शिकायतों का बोझ पहले की अपेक्षा कम हुआ है। साथ ही अधिकारियों की ओर से जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनने और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने से भी लोगों को राहत मिल रही है।
प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है।
तहसील दिवस का उद्देश्य आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। गरुड़ में आयोजित तहसील दिवस में शिकायतों की संख्या भले ही कम रही, लेकिन सामने आए मुद्दों में पेयजल, सड़क, मुआवजा, वन्यजीवों से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म प्रमाण पत्र जैसे सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े विषय शामिल रहे।
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